नवरात्री दशहरा के पावन पर्व में विजयदशमी पर जुनापारा के आयुषी कैफे & अपना रेस्टोरेंट के पास हौजी खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें कुल 40000 हजार रूपये तक का समान इनाम रहा खेल के आयोजन कर्ता रामेश्वर पुरी गोस्वामी रहे
मुख्य अतिथि – ग्राम पंचायत जूनापारा सरपंच श्रीमती अबिका प्रताप जायसवाल जी रही जिन्होनें महात्मा गांधी जी पे माल्य अर्पण कर खेल को प्रारम्भ कराया गया।
खेल में प्रतिभागी बड़े ही उत्साह के साथ खेल में हिस्सा लिया जिसमें बच्चे महिलाएं एवं पुरूष शामिल रहे ।
एंन्ट्री फीस 100 रूपये रहा खेल के निर्णायक श्री रामकुमार जायसवाल जी रहे जो नंबर अंकित गोली को निष्पक्ष तरिके से एक एक कर निकालते रहे प्रतिभागी के टिकट पर वो अंक आने पर उसे पेन या शीश से क्रास का निशान बनाते सभी अपने पसंदीदा इनाम को टारगेट में रखे खेल रोमांचक भरे माहौल में
सबसे पहले कार्नर का अंक श्री नरेश श्रीवास जी के नाम रहा जिसे छोटा रेंजर सायकल और बड़ा दिवाल घड़ी अपने नाम किया ।
फिर टाप लाईन का का अंक सोमा ठाकुर जी का कटा जिसे आलमारी का ईनाम मिला
मीडिल लाइन का अंक दो प्रतिभागियों का अंक एक ही समय एक गोली निकलने पर रहा जिसे सब आश्चर्य रहे
प्रतिभागी का नाम भारती एवं ईश्वर रहे जिसे दोनों को मिक्सी का ईनाम दिया और निर्णायक आयोजक टीम ने आपस में सहमती बनाकर रखने को कहा
बाटम लाइन का आयुषी गोस्वामी का रहा जिसे सिलिंग फैन ईनाम में मिला
फायनल ईनाम
फुल हाऊस फायनल अंक कट जाने पर BMW रेंजर सायकल खेम सिंह ग्राम अघरिया को मिला ।
आयोजक टीम ने खेल को और मजेदार बनाने के लिये जो प्रतिभागी का अंक नहीं कटा था उसे कलेक्ट करवाके ड्रा किये
जिसमे पहला ड्रा तोखन पोर्ते का निकला जिसे आयरन मिला
सेकेंड ड्रा ललीत के नाम रहा जिसे किसान टार्च मिला
तिसरा ड्रा तोखन पोर्ते का रहा जिसे 6 नग पानी बाटल मिला
चौथा ड्रा रोशन का रहा जिसे टार्च का ईनाम मिला
पांचवां ड्रा में 5 टीकट निकाला गया पिज्जा के लिये जिसमें तोखन का दो बार रोशन का दो बार निर्वेद
छठवां ड्रा बर्गर के लिये 6 टीकट निकाला गया
जिसमे रोशन तोखन और अन्य 4 का नाम निकला।

ईनाम वितरण के बाद आयोजन कर्ता ने सभी का आभार किया जिसने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया और भविष्य में और भी बड़े ईनाम रखकर आयोजन करने की बात कही ।
खेल आयोजन में अजमेर खान , अनुज जायसवाल सोनू ,रामकुमार जायसवाल आकाश जायसवाल को सफल बनायें एवं आयोजन कर्ता को मुख्य रूप से नरेश श्रीवास ईश्वर सिंह का सहयोग रहा ।




