आज सुबह से ही बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सुत्र बांधने के लिये उत्साहित रही ।
युवतियां अपने भाइयों से एक ही गुजारिश की अपनी बहन की तरह दुसरों के बहनों का भी सम्मान करें उन्हें इज्जत दे ।
आरती की थाली में चंदन के साथ भाई की कलाई पर राखी बांधी गयी इस क्षण का भाइयों को सालभर बेसब्री से इंतजार रहता है।
इस वर्ष रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त सुबह से लेकर शाम तक है जिससे दुर दराज से आकर बहनें भद्राकाल में राखी बांध रही थी बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र सुख समृद्धि रक्षा की कामना की।
विवाहित महिलाएं अपने ससुराल से मायके जाकर अपने भाई को राखी बांधने बजार से राखी की खरीदारी कर मिठाई के साथ उपहार स्वयं खरीद रही है सामर्थ नुसार चांदी की राखी भी पहना रही है ।
छोटे छोटे बच्चे भी अपने नाना दादा को राखी बांधकर उपहार में नयी नयी कपड़े पाकर बहुत खुश हो रहे हैं।




